Tuesday, May 19, 2026

परमाकल्चर

परमा कल्चर परमानेंट तथा एग्रीकल्चर का शॉर्ट  फॉर्म है।
पर्माकल्चर (Permaculture) का अर्थ स्थायी कृषि (Permanent Agriculture) और स्थायी संस्कृति (Permanent Culture) है। यह एक ऐसी प्राकृतिक और आत्मनिर्भर खेती की तकनीक है, जिसमें बाहर से खाद या कीटनाशक डाले बिना, जंगल के इकोसिस्टम की नकल करके खेती की जाती है। (
पर्माकल्चर (Permaculture) शब्द 'Permanent Agriculture' (स्थायी कृषि) और 'Permanent Culture' (स्थायी संस्कृति) का संक्षिप्त रूप है। यह प्राकृतिक इकोसिस्टम से प्रेरणा लेकर, बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए मानव की जरूरतें (भोजन, पानी, आवास) पूरी करने की एक कृषि और जीवन-शैली प्रणाली है
पर्माकल्चर की मुख्य विशेषताएं:
  • उचित हिस्सेदारी" पर्माकल्चर का तीसरा मूलभूत सिद्धांत है (पृथ्वी की देखभाल और मानव देखभाल के साथ)। इसमें उपभोग पर सीमा निर्धारित करना, अधिशेष ऊर्जा और संसाधनों को प्रकृति में वापस लौटाना और सभी जीवित प्राणियों और भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी की प्रचुरता तक समान पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
    उचित हिस्सेदारी का सिद्धांत व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामुदायिक कार्रवाई के बीच सेतु का काम करता है। यह तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है:
    • सीमाएं निर्धारित करना: जानबूझकर अत्यधिक उपभोग को सीमित करना और यह पहचानना कि प्राकृतिक संसाधनों (जैसे भूमि, जल और खनिज) की भी सीमाएं होती हैं।
    • अधिशेष का पुनर्वितरण: अतिरिक्त फसल, धन या समय का संचय करने के बजाय, आप अधिशेष को व्यापक प्रणाली में पुनः निवेश करते हैं।
    • अंतरपीढ़ीगत समानता: यह सुनिश्चित करना कि आपकी वर्तमान डिजाइन पद्धतियां भावी पीढ़ियों के लिए 
    , जीव-जंतु और कीट एक-दूसरे की मदद करते हैं।
  • कम लागत व कम मेहनत: इसमें ट्रैक्टर-जुताई, रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं होता। यह पूरी तरह जैविक और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है।
  • जल संरक्षण: बारिश के पानी को बहने देने के बजाय, छोटे तालाबों और खाइयों (Swales) के जरिए जमीन के अंदर सोखा जाता है।
  • मल्चिंग (Mulching): मिट्टी को कभी खाली या नंगा नहीं छोड़ा जाता। सूखी पत्तियों, लकड़ी के टुकड़ों byऔर कचरे से जमीन को ढका जाता है, जिससे नमी बनी रहती है और
पर्माकल्चर (Permaculture) शब्द 'Permanent Agriculture' (स्थायी कृषि) और 'Permanent Culture' (स्थायी संस्कृति) का संक्षिप्त रूप है। यह प्राकृतिक इकोसिस्टम से प्रेरणा लेकर, बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए मानव की जरूरतें (भोजन, पानी, आवास) पूरी करने की एक कृषि और जीवन-शैली प्रणाली है
पर्माकल्चर की मुख्य विशेषताएं:
  • प्रकृति की नकल: खेत या बगीचे को एक प्राकृतिक जंगल की तरह विकसित किया जाता है, जहाँ पेड़-पौधे, जीव-जंतु और कीट एक-दूसरे की मदद करते हैं।
  • कम लागत व कम मेहनत: इसमें ट्रैक्टर-जुताई, रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं होता। यह पूरी तरह जैविक और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है।
  • जल संरक्षण: बारिश के पानी को बहने देने के बजाय, छोटे तालाबों और खाइयों (Swales) के जरिए जमीन के अंदर सोखा जाता है।
  • मल्चिंग (Mulching): मिट्टी को कभी खाली या नंगा नहीं छोड़ा जाता। सूखी पत्तियों, लकड़ी के टुकड़ों और कचरे से जमीन को ढका जाता है, जिससे नमी बनी रहती है और
  • पर्माकल्चर (Permaculture) शब्द 'Permanent Agriculture' (स्थायी कृषि) और 'Permanent Culture' (स्थायी संस्कृति) का संक्षिप्त रूप है। यह प्राकृतिक इकोसिस्टम से प्रेरणा लेकर, बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए मानव की जरूरतें (भोजन, पानी, आवास) पूरी करने की एक कृषि और जीवन-शैली प्रणाली है
    पर्माकल्चर की मुख्य विशेषताएं:
    • प्रकृति की नकल: खेत या बगीचे को एक प्राकृतिक जंगल की तरह विकसित किया जाता है, जहाँ पेड़-पौधे, जीव-जंतु और कीट एक-दूसरे की मदद करते हैं।
    • कम लागत व कम मेहनत: इसमें ट्रैक्टर-जुताई, रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं होता। यह पूरी तरह जैविक और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है।
    • जल संरक्षण: बारिश के पानी को बहने देने के बजाय, छोटे तालाबों और खाइयों (Swales) के जरिए जमीन के अंदर सोखा जाता है।
    • मल्चिंग (Mulching): मिट्टी को कभी खाली या नंगा नहीं छोड़ा जाता। सूखी पत्तियों, लकड़ी के टुकड़ों और कचरे से जमीन को ढका जाता जिससे जिससे नमी बनी रहती है ।
    • Thee Ethics of Perma culture.
    • 1,Earth care:-  To enhance the fertility of soil,through enhancing the quantity of Jeevansh carbon, microorganisms ,Earthworms , and Humus in the soil.
    • 2, People Care:- Grow safe food to eat and quality agricultural commodities to trade.Thre should not be residue of chemicals pesticides above MRL.which must be supported by test reports.of FSSAI off India. Adopt IPM or Natural Farmingto Grow safe Food to eat.
    • 3,Fair Share:
    उचित हिस्सेदारी" पर्माकल्चर का तीसरा मूलभूत सिद्धांत है (पृथ्वी की देखभाल और मानव देखभाल के साथ)। इसमें उपभोग पर सीमा निर्धारित करना, अधिशेष ऊर्जा और संसाधनों को प्रकृति में वापस लौटाना और सभी जीवित प्राणियों और भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी की प्रचुरता तक समान पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। 

    Permaculture Principles
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    उचित हिस्सेदारी का सिद्धांत व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामुदायिक कार्रवाई के बीच सेतु का काम करता है। यह तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है: 
    सीमाएं निर्धारित करना: जानबूझकर अत्यधिक उपभोग को सीमित करना और यह पहचानना कि प्राकृतिक संसाधनों (जैसे भूमि, जल और खनिज) की भी सीमाएं होती हैं।
    अधिशेष का पुनर्वितरण: अतिरिक्त फसल, धन या समय का संचय करने के बजाय, आप अधिशेष को व्यापक प्रणाली में पुनः निवेश करते हैं।
    अंतरपीढ़ीगत समानता: यह सुनिश्चित करना कि आपकी वर्तमान डिजाइन पद्धतियां भावी पीढ़ियों के लिए 
    • उचित हिस्सेदारी" पर्माकल्चर का तीसरा मूलभूत सिद्धांत है (पृथ्वी की देखभाल और मानव देखभाल के साथ)। इसमें उपभोग पर सीमा निर्धारित करना, अधिशेष ऊर्जा और संसाधनों को प्रकृति में वापस लौटाना और सभी जीवित प्राणियों और भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी की प्रचुरता तक समान पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
      उचित हिस्सेदारी का सिद्धांत व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामुदायिक कार्रवाई के बीच सेतु का काम करता है। यह तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है:
      • सीमाएं निर्धारित करना: जानबूझकर अत्यधिक उपभोग को सीमित करना और यह पहचानना कि प्राकृतिक संसाधनों (जैसे भूमि, जल और खनिज) की भी सीमाएं होती हैं।
      • अधिशेष का पुनर्वितरण: अतिरिक्त फसल, धन या समय का संचय करने के बजाय, आप अधिशेष को व्यापक प्रणाली में पुनः निवेश करते हैं।
      • अंतरपीढ़ीगत समानता: यह सुनिश्चित करना कि आपकी वर्तमान डिजाइन पद्धतियां भावी पीढ़ियों के लिए 







Tuesday, May 5, 2026

प्राकृतिक खेती एवं स्वास्थ्य

प्राकृतिक खेती के कुछ सिद्धांत
1, मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाना। 
2,जैव विविधता , पर्यावरण,जीवन के पांच महाभूतों  का संरक्षण
3,मानव एवं मिट्टी के शवास्थ्य  की ड़ेखभाल करते हुए खेती करना।
4 भविष्य की पीढ़ियों को ,शुद्ध खाना, शुद्ध हवा ,तथा शुद्ध पर्यावरण प्रदान करना।
5, हम प्रकृति के विरोध मैं  जा रहे है।
6, रासायनिक खेती से उत्पादन्त बढ़ा परन्तु किस्नानों की आमदनी नहीं बड़ी।स्वास्थ्य,पर्यावरण  जैव विविधतासित प्राकृति की व्यवस्था पर  विपरीतप्रभाव पड़ा।
7 आर्थिक असंतुलन बढ़ा। बाजार पनपे हैं।
8,प्राकृति के साथ जुड़े  रहें।
9,बीजों की परंपरा का ध्यान रखें।।
10,फैमिली फार्मर्स कंसेप्ट 
11, कृषकों एवं उपभोक्ता परिवार  के बीच संबंध।
12,पूरकता एवं उपयोगिता का सिद्धांत ।
13, इनपुट आधारित खेती नहीं करना है बल्कि समझ पर आधारित खेती करना है।
14,हमें मिट्टी को अवश्य छूनाचहिय। धरती अपनी खाद स्वयं बनती है।
15,गमला मै प्लांट लगाना भी एक प्रकृति खेती है।
16पूरकता,विविधता, उत्पादन का घनत्व ,Coexitence ,इकोलॉजिकल बैलेंस का सिध्दांत
17,भोजन मैं हवा  पानी एवं  ठोस 
18 सहअस्तित्व  का सिद्धांत।
19,आर्थिकसंकट।
20,
प्राकृतिक खेती देसी गाय, देसी बीजदेसी , देसी केचुआ एवं देसी पद्धतियों ,देसी गाय के मल मूत्र एवं गोबर पर आधारित इनपुट तथा देसी परंपराओं पर आधारित खेती करने का तरीका है जिसमें प्रकृति में चल रही स्वचालित,self organised, स्वयं सक्रिय self active,स्वयं पोशीself nourished, स्वयं विकासीय ,self developing,स्वयं नियोजित ,self planned,सहजीवी symbioticएवं आत्मनिर्भर self sustained ,,फसल उत्पादन रक्षा तथा फसल प्रबंधन व्यवस्था पर आधारित तरीकों को अध्ययन करके तथा   उनसे संबंधित सभी विधियों  फसल उत्पादन हेतु प्रयोग करके या अपना कर खेती की जाती है। इसमें रसायनिक विधियों को छोड़कर आईपीएम में प्रयोग की जाने वाली सभी विधियों को शामिल किया जा सकता है या किया जाता है।
21,


Thursday, April 23, 2026

IPM in terms of the farmers. किसानों के विचार से आईपीएम क्या है?

विभिन्न प्रकार की संस्थाओं, वैज्ञानिकों, बुद्धिजीवीयो, तथा प्रगतिशील किसानों,ने  आई पी,एम   की विभिन्न पकार की परिभाषाएं दी हैं ।यहां तक मैंने भी आई पी एम की 20-25 परिभाषाएं दी है। परंतु जैसा कि मैंने पहले बताया की आईपीएम जीवन के प्रत्येक मुद्दे से संबंधित खेती करने की तथा वनस्पति संरक्षण करने की एक विचारधारा  है। आई पी एम  नासिजीव प्रबंधन सहित संपूर्ण कृषि तंत्र अथवा पद्धति कै समेकित प्रबंधन की एक विचारधारा है । आई पी एम जहां  एक तरफ किसानों की जीविका  संचालन से  जुड़ी हुई है वहीं यह अन्य सभी लोगों तथा पशुओं  ,सूक्ष्म जीवों, पक्षियों  आदि की खाद्यसुरक्षा को भी सुनिश्चित करने  में अपना महत्व पूर्ण योगदान देती है। खाने के योग्य सुरक्षित कृषि उत्पादों का कम से कम  खर्चे में अधिक से अधिक उत्पादन,और उनका बाजार से अधिक से अधिक विक्रय मूल्य प्राप्त करना किसानों का खेती करने का मुख्य उद्देश्य होता है। इसके लिए किसान भाई विभिन्न प्रकार की विधियों। प्रयोग करते हैं जिसमें रासायनिक विधियां भी शामिल होती हैं।परंतु खाने के योग्य सुरक्षित भोजन के उत्पादन के लिए 
रासायनिक विधियों का उपयोग अंतिम विकल्प के रूप मैं  किसी आपातकालीन परिस्थिति के निदानहेतु ही किया जाता है।।कृषि उत्पादों का उत्पादन भूमि की उर्वरा शक्ति एवं जमीन मै  पाय जानेवाले जीवांश कार्बन , सूक्ष्मजीवों जीवों,एवं उनसे निर्मित   ह्यूमस से होती है अथवा निर्भर करती है। अतः जीवांश कार्बन   की अधिकता बनाए रखने के लिए जमीन मैं कार्बनिक पदार्थ जैसे जानवरों का मल मूत्र , पौधों तथा फसलों के अवशेषों को तथा जमीन मैं सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या को बढ़ाने के लिए जीवामृत  तथा घन जीवामृत  को जमीन मैं फसलों की बुवाई से पूर्व पलेवा के समय खेतों में डालते हैं। खेतों के चारों तरफ मेड बनाते हैं तथा मेड पर विभिन्न प्रकार के पेड़ भी लगते हैं जाे चिडियों के बैठकों का  काम करते हैं तथा विभिन्न प्रकार के नशीजीवों का प्रबंधन करते हैं। मेडेन एक खेत  का जीवांश कार्बन , मिट्टी और पानी दूसरे खेत मैं रोकने के लिए सहायक होती हैं। खरपतवारों की  ऊंचाई अगर फसल से ऊपर होजनेवपर उनको वहीं खेत में ही दबा देना चाहिय।
आजकल का आईपीएम / खेती बाजार  तथा रसायनों पर आधारित है यद्यपि यह आईपीएम केसद्धांतों के विपरीत है। खेती के सारे इनपुट बाजारों से खरीदे जाते हैं जिससे उत्पादन की कीमत  बढ़ जाती है । कृषि उत्पादन की कीमत
को कम करना खेती का प्रमुख कार्य  है । इसके लिए खेती के इनपुट्स को बाजारों से ना खरीदा जए बअली किसानों के घर  पर ही बनाएंगे। जिससे किसानों की कृषि उत्पादों की लागत कम होगी तथा किसानों आमदनी बढ़ेगी। कृषि उत्पादों के उत्पादन के अलावा उनकी पैकेजिंग ,वैल्यूएडशन, प्रमाणीकरण,तथा विपणन संबंधी गति विधियों को भी आई पी एम मैं शामिल करना चाहिए़।
IPM is the Sangam / merger  or Triveni   of three rivers or schemes of Dte. Of Plant Protection, Quarantine and Storage commenced from 1991-92., These are Biological control,or Ganga ,Pest Surveillance ,or Yamuna and  Plant Protection or Sataswati in which now Plant Protection / Sarswati is  invisible. This  Triveni  is  .spreading or dissiminating   the messege of IPM  among its all stakeholders  to grow / protect the plants / Crops  and Agricultural commodities / crops  with minimum expenditure, minimum use of  chemicals or  without use of chemicals and with least disurbance to life,nature  Environment and society through adoption of all available, affordable and feasible methods of pest management in compatible manners  to suppress the pest population below ETL..
I will remain obliged of IPM Scheme for providing bread and butter to  me as wellas to my children  throughout my life. Now according to my own idea IPM has now become the thought of the integration of   all the schemes of Dte Of P,PQ and S with a concept  or theme of ensuring food Security along with food safety, environment and ecological safety.

Monday, April 20, 2026

प्लांट प्रोटेक्शन (पादप संरक्षणकृषि विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत फसलों को कीटों, बीमारियों, खरपतवारों और हानिकारक जीवों से बचाकर उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता को सुरक्षित रखा जाता है। इसका उद्देश्य फसलों को नुकसान से बचाना और पैदावार बढ़ाना है, जिसके लिए यांत्रिक, रासायनिक, जैविक और कृषि पद्धतियों का उपयोग किया जाता है।
प्लांट प्रोटेक्शन के मुख्य पहलू: