Traditional Farming. पारंपरिक खेती:-
यह एक प्रकार की कृषिपदति है जो सदियों से चली आ रही है जब हमारे देश के पास सिंचाई के साधन रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक, हाइब्रिड सीड्स,, तथा आधुनिक कृषि यंत्र नहीं होते थे तथा खेती पूर्ण रूप से मानव श्रम, पशु शक्ति, प्राकृतिक वर्षा, तथा पशुओं के मल मूत्र पर आधारित उर्वरक उर्वरकों, आदि पर आधारित होती थी। इसमें देसी बीज प्रयोग किए जाते थे । यह खेती परिवार के सदस्यों के द्वारा तथा पुराने तरीके के कृषि यंत्रों का प्रयोग कर के की जाती थी । इस प्रकार की खेती में जमीन के अंदर जीवाश्म कार्बन भरपूरमत्रा में होता था । इस प्रकार की खेती मैं स्थानीय बीजों का प्रयोग किया जाता था। यह खेतीजीवन निर्वाह के लिए की जाती थी। जो पूर्ण रूप से वर्षा परआधरित होती थी।
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