व्यवसाय मतलब उत्पादन का प्रबंधन,गुणवत्ता का प्रमाणि कारण एवं विपणन पर आधारित शोध कार्य पर आधारित खेती की जरूरत है। गाँव का माल गांव मैं पहले बिकेगा तथा बचा हुआ सामान शहर में बेचा जाएगा।
2, प्रकृति की व्यवस्था को समझ कर खेती की जय ना की प्रकृति की व्यवस्था के समांतर दूसरी व्यवस्था खड़ी कर के खेती की जाय । खेती में बदलाव सिर्फ खेत के आधार पर मत करो बल्कि पूरे कृषितंत्र के आधार पर करो।
3 ध्यान रहे कि खेत मैं ही खाद बनती है। खेत मैं ही प्रबंधन होता हैऔर खेत में ही उत्पादन होता है।
4,प्रकृति मै नियम ,नियंत्रण और प्रबंधन की पद्धति चलती है।
5 हमारी खेती मार्केट ने हाईजैक करली और किसानों को पता भी नहीं चला।
6 कृषि मैं लाभ से जायदा स्वास्थ्य की जरूरत है। बाजार आधारित खेती ने ही उत्पादन खर्च बढ़ाया।
7, रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से जमीन के ऊपर एवं नीचे पाई जाने वली जैवविविधता नष्ट हो जाने से जमीन मैं
जीवाश्म कार्बन घटने से जमीन की उर्वरा शक्ति घट गई जिसे पुनः बढ़ाना पड़ेगा।इसके लिय जमीन मै जीवाश्म कार्बन की माट्रा बाधना पड़ेगा। इसके लिय ग्रीन मैन्यूरिंग ,गोबर की खाद ,फसलों के अवशेष को खेतों में डालना पडेगा। खेतों की उर्वरता धीरे धीरे बढ़ सकेगी।
8 फसल विविधता प्राकृतिक खेती की एक प्रमुख गतिविधि है।
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