Thursday, November 25, 2021

Few things for discussion about IPM emerged in meetings on different occasions

1.There are many things to say about IPM but nothing works except chemicals in fields,says a Senior Scientist .(I  do not want to mention his name )
  IN this connection I would like to say there may be following reasons of above statement .
i.Since all the researches related with Agriculture or IPM have been and are being done by the Scientists of research organizations  related with Agriculture or IPM which were or being  handed over to us for implementation in the farmers fields.If these researches are not giving results,they   may be   either pseudo researches  or  they are not being implemented in right way due to   unavailability of inputs required for their implementation. In my ideas unavailability of IPM inputs ,their implementation on proper way,lack of trained staff and their willingness are the main reasons for this .In my practical I point of view the researches being supplied to us are not pseudo researches but they are not being applied in proper way .
2.Farmers are already doing chemical based IPM giving first priority to Chemical pesticides and fertilizers wheareas  IPM principles recommend Chemical pesticides and chemical fertilizers only as a last priority to deal with emergency situations .Let's select suitable methods and policies of crop production,protection and management which are  ecofriendly, nature and society friendly for crop production,protection and management system either from the IPM package and Practices or from the systems prevailing in  nature.Crop production ,protection and management and IPM systems are interlinked each others to ensure the production of safe Agricultural commodities to eat and quality Agricultural commodities to trade. 
  The overall crop production ,protection and  Management  package must be economically viable,profitable ,able to enhance the farmers income ,through export, market access to fetch more and more sale price of Agricultural commodities,through profitable crop Diversification in to other sectors related with Agriculture.


Tuesday, November 23, 2021

Bottlenecks for the implementation of IPM आईपीएम के क्रियान्वयन हेतु पाई जाने वाली बाधाएं या अड़चने l

1. आई पी एम इनपुट की अनुपलब्धता l
 2. रसायनिक पेस्टिसाइड्स के अल्टरनेटिव्स या जैविक आईपीएम इनपुट की अनपलब्धता उपलब्धता l
3. विभिन्न आईपीएम के भागीदारों में आईपीएम की विचारधारा के बारे में विस्तृत जानकारी का ना होना l
4. केंद्र व राज्य स्तर पर आईपीएम नीति का अभाव या ना होना l
5. आईपी एम के भागीदारों के बीच में परस्पर समन्वय की कमी l
6. आईपीएम भागीदारों का विभिन्न मतों अथवा मानसिकता ओं में बटा होना l
7. आईपी एम के सभी भागीदारों में आईपीएल के सिद्धांतों के बारे में जानकारी का अभाव l
8. राज्य व केंद्र स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधनों की कमी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधनों को दूसरे स्कीमों में चले जाना l
9. रसायनिक कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग होना  l
10. केवल रासायनिक कीटनाशक ही वनस्पति रक्षा या प्लांट प्रोटक्शन के लिए रामबाण है ऐसी मानसिकता ओं का आई पी एम के भागीदारों के बीच में या मन में घर कर जाना l
11. रसायनिक कीटनाशकों के दुष्परिणामों को अनदेखा किया जाना l
12. खेतों में पाए जाने वाले लाभदायक एवं हानिकारक जीवो के प्रति सहानुभूति की कमी होना l
13. फसल पारिस्थितिक तंत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के जीवो की आई पी  एम क्रियान्वयन हेतु भूमिका या योगदान को अनदेखा किया जाना l
14. आईपीएम भागीदारों में इच्छाशक्ति की कमी l
15. कृषि में रसायनों के उपयोग को बढ़ावा देना l
16. आईपीएम पैकेज आफ प्रैक्टिसेज को प्रयोग में ना लाना l
17. आई पी एम इनपुट्स के उत्पादन हेतु केमिकल पेस्टिसाइड्स के समांतर में जैविक पेस्टिसाइड्स या इनपुट्स का उत्पादन करने हेतु उद्योगों को स्थापित ना करना l

Friday, November 19, 2021

किसी भी विचारधारा को कैसे इंप्लीमेंट करें

दोस्तों यह बात मैंने पहले कई बार बताई है कि एकीकृत नाशि जीव प्रबंधन अथवा आईपीएम एक प्रकार की विचारधारा है और किसी भी विचारधारा को सुचारू रूप से क्रियान्वयन करने के लिए या बढ़ावा देने के लिए विचारधारा से संबंधित सभी भागीदारों को विचारधारा से संबंधित संपूर्ण जानकारी का ज्ञान होना अति आवश्यक है l इसके साथ साथ विचारधारा को क्रियान्वयन करने के लिए अपने आप को स्वेच्छा अनुसार सही नियत से संपूर्ण रुप से तैयार रखना भी अति आवश्यक है जिसके लिए संपूर्ण भागीदारों को एक नियत और सोच के साथ विचारधारा से जुड़े हुए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक ही दिशा में प्रयत्न करना अति आवश्यक है l जिसके लिए सामूहिक भागीदारी , सामूहिक जनशक्ति ,एकजुटता ,प्रबंध कौशल, सबका साथ एवं सब का प्रयास भी अति आवश्यक है l विज्ञान, सरकार एवं समाज को एक साथ मिलकर काम करने से किसी भी विचारधारा को क्रियान्वयन करने से वांछित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं  l वैज्ञानिकों के द्वारा  सही तकनीको की खोज करना  , सरकार के द्वारा विचारधारा के क्रियान्वयन हेतु सही एवं हितकारी नीतियां बनाना एवं किसानों तथा अन्य भागीदारों के द्वारा विचारधारा को सही तरीके से सही समय पर प्रयोग करना भी अति आवश्यक है l
    सरकार एवं समाज को रसायनिक कीटनाशकों एवं फटलाइजर के दुष्परिणामों के प्रति सचेत रहते हुए आई पीएम का क्रियान्वयन करना चाहिए एवं करवाना चाहिए l सरकार एवं समाज को पर्यावरण प्रकृति एवं प्रकृति के संसाधनों तथा समाज के अन्य घटकों के प्रति संपूर्ण सहानुभूति रखते हुए आईपीएम का क्रियान्वयन करना चाहिए l
रसायनिक कीटनाशकों को वरीयता पूर्वक प्रयोग करने वाली मानसिकता मैं परिवर्तन लाना, फसल पर्यावरण या फसल पारिस्थितिक तंत्र में पाए जाने वाले सभी जीवो के प्रति सहानुभूति रखना, फसल

 पारिस्थितिक तंत्र में पाए जाने वाले सभी जिओ के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना तथा आईपीएल को क्रियान्वयन करने हेतु हेतु जैविक आईपीएम इनपुट की उपलब्धता किसानों के द्वार पर सुनिश्चित करना पीएम को क्रियान्वित करने के कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकताएं है l
 आईपीएम से संबंधित सभी भागीदारों के बीच आई पीएम के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता पैदा करना उनको शिक्षित करना प्रेरित करना तथा नॉन केमिकल आई पीएम इनपुट को प्रयोग हेतु सक्षम बनाना आईपीएम क्रियान्वयन करने की कुछ प्रमुख आवश्यकता है l
   फसल में पाए जाने वाले सभी हानिकारक जीवो की संख्या का आकलन नियमित या रेगुलर निगरानी कार्यक्रम के द्वारा करके एग्रोइकोसिस्टम एनालिसिस के द्वारा फसल में अपनाए जाने वाली गतिविधियों के विषय में निर्णय लेना भी आई पी एम के क्रियान्वयन की मुख्य आवश्यकता है जिसमें रसायनिक इनपुट के प्रयोग को अंतिम विकल्प के रूप में सिर्फ आपातकालीन स्थिति के निपटान हेतु जानकारी प्राप्त होती है तथा रसायनिक कीटनाशकों के न्यायोचित प्रयोग करने में मदद मिलती है l

Sunday, November 14, 2021

आईपीएम सेअपेक्षाएं

1. भरपूर फसल वाजिब दाम खुशहाल किसान
2. सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ समाज
3. पर्यावरण सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
4. पारिस्थितिक तंत्र की सक्रियता कायम रखना
5. पारिस्थितिक तंत्र तथा जैव विविधता का संरक्षण
6. गुणवत्ता पूर्ण कृषि उत्पादों का उत्पादन
7. जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक तापक्रम बढ़ोतरी अथवा ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को निष्क्रिय करते हुए खेती करना
8. निर्यात योग्य गुणवत्ता युक्त फसल उत्पादों का उत्पादन करना
9. फसल उत्पादन लागत मैं कमी करना तथा कृषकों की आय मैं बढ़ोतरी करना
10. जीवन प्रकृति समाज के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए खेती करना
11. सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन जैसे सुरक्षित जल ,सुरक्षित हवा ,सुरक्षित मिट्टी ,सुरक्षित भोजन,
12. कृषि उत्पादों का स्मूथ अथवा धारा प्रवाहित व्यापार अथवा ट्रेड 
13. फसल पारिस्थितिक तंत्र में पाए जाने वाले लाभदायक जीवो का फसल पारिस्थितिक तंत्र में संरक्षण
14. जीडीपी पर आधारित विकास के साथ पर्यावरण ,प्राकृतिक ,सामाजिक ,पारिस्थितिक तंत्र ,विकास को सुनिश्चित करना
15. खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना
16.